शिक्षा केंद्र

प्राइमॅरी विधालयों की संख्या
02
माध्यमिक विधालयों की संख्या
01
इंटर कॉलेजों की संख्या
01
डिग्री कॉलेजों की संख्या
00
आँगन बाड़ी केंद्रों की संख्या
04
पौंड शिक्षा केंद्रों की संख्या 00
रात्रि शिक्षा केंद्रों की संख्या
00
कंप्यूटर शिक्षा केंद्रों की संख्या
00
तकनीकी शिक्षा केंद्रों की संख्या
00
अध्यापकों की संख्या
05
अध्यापीकाओं की संख्या
04
शिक्षा मित्रों की संख्या
02
प्रधानाचार्यों की संख्या
02
छात्रों की संख्या
300
छात्राओं की संख्या
210

योजनाएँ

yojna-650
योजनाएँ
लाभार्थी संख्या
लाभार्थीयों के नाम
कन्या विवाह योजना 41

कबीर आंत्यष्त्ती योजना  


वृधा पेंशन योजना 182

विधवा पेंशन योजना 12

निसंतान पेंशन योजना 08

बालिका सम्रद्धि योजना
30

इंदिरा आवास योजना 40

परिवारिक लाभ योजना 25

छात्रव्रत्ति योजना 552

लक्ष्मीबाई पेंसन योजना


महानरेगा योजना

संसाधन / सुभिधाएँ

 

प्रकतिक संसाधन व्यक्तिगत संसाधन मानव संसाधन सांस्कृतिक संसाधन
तालाबों की संख्या: 02
हॅंडपंप की संख्या: 45
मजदूरों: 05 प्रतिशत कार्यक्रम भवन: हाँ
नदियों की संख्या:00 कुएँ: 02
किसान: 80 प्रतिशत कुर्शी: हाँ
झीलों की संख्या:00 पानी की टंकी: 01
नौकरी: 15 प्रतिशत टेबल: हाँ
आशा कार्यकर्ताओं की संख्या: 04
दरी: हाँ

 

स्वास्थ यातायात
स्वास्थ केंद्र : 01
डॉक्टर एम.बी.बी.एस. : 00
डॉक्टर सामान्य : 05
ए.एन.एम. कार्यकर्ता : 01
गाँव पंचायत से आने जाने के लिए कच्ची-पक्की सड़के बनी है
यहाँ से सरकारी, प्राइवेट बसें, टैक्सी, आदि मिल जाते है
और लोगों के पास अपने साधन भी है जिससे वे आने-जाने
के उपयोग में लेते है जैसे: बाइक, स्कूटर कार आदि!

अपेक्षाएँ
कंप्यूटर की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
टेलीविज़न की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
एंबुलेंसे होनी चाहिए: हाँ
रेफर अस्पताल की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
सामुदायिक शौचालय की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
पी.सी.ओ. की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
हॅंडपंप की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
बिजली की शुभिधा की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
बॅंक की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
सरकारी बोरिंग की शुभिधा की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
पुलिस चौकी की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ
पानी की टंकी की व्वस्था होनी चाहिए: हाँ

रहन-सहन

इस गाँव का रहन-सहन लगभग साधारण ही है जैसा की हर गाँव में होता है यहाँ के लोग कच्चे एवं पक्के मकान में रहते है जो लोग ग़रीब है उनको सरकार की तरफ से इंदिरा आवास के तहत मकान दिए गये है और जो सक्षम है वे अपने बनाएँ हुए मकान में रहते है गाँव के अधिकतर लोग खेती पर निर्भर है और कुछ लोग नौकरी भी करते है चाहे वो सरकारी हो या प्राइवेट सभी लोग कुछ ना कुछ काम करते रहते है ताकी अपना और अपने परिवार का पेट भर सके!